:
Breaking News

सीवान के CRPF IG अमितेन्द्र नाथ सिन्हा को राष्ट्रपति पदक: देश की सुरक्षा में समर्पण का सम्मान

top-news
https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

सीवान के बंगरा गांव के मूल निवासी और ओडिशा कैडर के आईपीएस अधिकारी अमितेन्द्र नाथ सिन्हा को उनके उत्कृष्ट और समर्पित सेवा के लिए राष्ट्रपति पदक से सम्मानित किया गया। यह गौरवशाली सम्मान गुवाहाटी में आयोजित केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की भव्य परेड के दौरान प्रदान किया गया, जिसमें वरिष्ठ अधिकारी, जवान और आमंत्रित अतिथि मौजूद थे।
पदक समारोह के दौरान जैसे ही उनका नाम पुकारा गया, पूरा मैदान तालियों की गूँज से भर गया। इस अवसर पर उनकी अनुशासनप्रियता, कर्तव्यनिष्ठा और नेतृत्व क्षमता का सार्वजनिक रूप से अभिनंदन किया गया। यह पदक न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि पूरे CRPF बल के लिए गौरव और प्रेरणा का प्रतीक भी है।
अमितेन्द्र नाथ सिन्हा की पेशेवर छवि हमेशा साफ-सुथरी और भरोसेमंद रही है। वर्तमान में सीआरपीएफ में आईजी के पद पर तैनात, उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा के मोर्चे पर अनेक चुनौतीपूर्ण मिशनों में नेतृत्व दिया है। उनके योगदान ने बल की कार्यक्षमता और देश की आंतरिक सुरक्षा को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
सिन्हा का परिवार भी इतिहास और सेवा की गाथाओं से जुड़ा रहा है। उनके दिवंगत पूर्वज रामलखन सिंह स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय थे। उनके पिता डॉ. यतीन्द्र नाथ सिन्हा होम्योपैथिक चिकित्सा क्षेत्र में प्रतिष्ठित रहे और राष्ट्रीय स्तर पर Homeopathic Medical Association of India के उपाध्यक्ष भी रहे। माता बच्ची देवी शिक्षिका के रूप में समाज सेवा में योगदान देती रहीं, जबकि उनके भाई समीतेंद्र नाथ सिन्हा आर्किटेक्ट इंजीनियर हैं।
CRPF को देश की आंतरिक सुरक्षा की रीढ़ माना जाता है। इस सम्मान से यह स्पष्ट संदेश जाता है कि देश की हिफाज़त में तैनात जवानों और अधिकारियों की मेहनत, ईमानदारी और कर्तव्यपरायणता हमेशा सराहनीय मानी जाती है। राष्ट्रपति पदक अमितेन्द्र नाथ सिन्हा की जीवन यात्रा और बल के प्रति समर्पण का प्रतीक बन गया है।
राष्ट्रीय सुरक्षा में समर्पण और ईमानदारी को सम्मानित करना सिर्फ व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे बल और देश के लिए प्रेरणा है। अमितेन्द्र नाथ सिन्हा का राष्ट्रपति पदक यह संदेश देता है कि कर्तव्यपरायणता, अनुशासन और साहस कभी अनदेखा नहीं रहते। ऐसे अधिकारी देश की आंतरिक सुरक्षा की रीढ़ हैं और उनका सम्मान हमें याद दिलाता है कि देश की सुरक्षा में खड़े हर जवान की मेहनत राष्ट्र के लिए अमूल्य है।

https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *